चलो हरिदर्शन सेवा समिति की यात्राएं 

चलो हरिदर्शन सेवा समिति
हमारी समिति भारत के सभी प्रमुख धार्मिक स्थानों की यात्रायें कम से कम सेवा शुल्क में कराती है। हमारी संस्था आपके आराम का पूरा ध्यान रखने का प्रयास करती है।

सम्पर्क सूत्र (फोन नं०)
9871718758
9958858758 

★ सभी तीर्थ यात्रियों को इस यात्रा के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। 
★ हमारी यात्रा में अकेले वृद्धजन व महिलाएं भी आराम से यात्रा कर सकती हैं क्योंकि हमारी यात्रा का माहौल घर-परिवार जैसा ही रहता है जिस कारण अकेलापन महसूस नहीं होगा। यदि उनके साथ अपना कोई हो तो और भी अच्छा है।
★ आप तीर्थ प्रदेश में हैं और घर से तीर्थ करने के लिए निकले हैं इसलिए यात्रा तीर्थ की भावना से ही करें और खुद को पवित्र बनाए रखें ताकि हमारे ईस्ट कि हम पर अधिक से अधिक कृपा हो। 
★ सुरक्षा और सुविधा की दृष्टि से समय-समय पर आपको जो हिदायत अर्थात सूचनाएं दी जाएंगी । उनका आपको सख्ती से पालन करना होगा।
★ हम यात्रा में आपको अधिक से अधिक सुविधा देने की कोशिश करेंते हैं। परन्तु यदि थोड़ी बहुत परेशानी आती है तो उसे तपस्या की भावना से स्वीकार करें।
★ बस जहां से जाएगी, वहीं पर आपको उतरेगी। यदि आपका गंतव्य स्थल बीच रास्ते में पड़ता है तो आप वहां उतर सकते हैं। यदि आप कहीं और स्थान पर बस ले जाने का आग्रह करेंगे तो वह नहीं माना जाएगा।

सेवा शुल्क: जैसा कि सेवा शुल्क का 50% बुकिंग के समय ही ले  लिया जाता है। अतः प्रत्येक भक्त से अनुरोध है कि अपना बकाया सेवा शुल्क यात्रा वाले दिन के एक सप्ताह पहले जमा कर दें। ताकि आगे की यात्रा की व्यवस्था सुचारू रूप से हो सके। 
★ यदि आपको यात्रा में जाने में कोई परेशानी है तो आप सात दिन पूर्व अपना टिकट कैंसिल कर सकते हैं । जिसका पैसा वापस कर दिया जाएगा। यदि आप सात दिन पूर्व तक कोई भी सूचना नहीं देते हैं तो आपका टिकट कैंसिल माना जाएगा और दिया बुकिंग सेवा शुल्क भी वापस नहीं होगा। इस स्थिति में अगला नियम पढ़ें। 
★ जैसाकि ऊपर के नियम में हम बता चुके हैं कि यात्रा तिथि और एक सप्ताह के बीच टिकट कैंसिल नहीं किया जाएगा। यदि आपका पूरा पैसा जमा है तो आप अपने स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को यात्रा में भेज सकते हैं। 
परंतु उसका नाम, पता, उम्र और फोन नंबर आपको संस्था को पहले से देना होगा ताकि उनका आई कार्ड बनाया जा सके।

भक्तजन भी ध्यान दें 
★ हमारी इस यात्रा में सभी साथीजन बराबर के भगीदार हैं
अतः किसी एक साथी की वजह से अन्य साथियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। 
★ यात्रा में जन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए बस किसी होटल पर रूक सकती है। यदि आप होटल पर कुछ खरीदते हैं तो उस खरीददारी का खर्चा आपका ही होगा। संस्था का नहीं।
★ अतः आपसे अनुरोध है कि आप दूसरे साथियों और अपनी सुविधा और समय का ध्यान रखें। अपने मन से अपनी सुविधा बनाने के चक्कर में दूसरों को परेशानी न होने दें।
★ यात्रा में जो भी डेस्टिनेशन अर्थात स्थान बताया जाएगा। सभी को उस स्थान पर बताए समय पर पहुंचना आवश्यक है। वहां आपका केवल आधा घंटे तक ही इंतजार किया जाएगा। 
★ यदि कोई साथी इस समय अवधि में वहां नहीं पहुंच पाता है तो हम अगले डेस्टिनेशन प्वाइंट की ओर बढ़ जाएंगे। इस स्थिति में अगले डेस्टिनेशन प्वाइंट पर पहुंचने की जिम्मेदारी लेट रहने वाले व्यक्ति की होगी। उस व्यक्ति को अगले डेस्टिनेशन प्वाइंट पर अपने खर्चे पर स्वयं पहुंचना होगा।
★ दो बार देरी करने वाले के लिए ऐसा माना जाएगा कि वह जानबूझकर सबको लेट करने का प्रयास कर रहा है। जानबूझकर पैदा की गई इस स्थिति सभी यात्रियों से सलाह ली जाएगी यदि उन्होंने सहमति दे दी तो उसे वही उसके हाल पर छोड़ दिया जाएगा और किसी भी कीमत में कोई भी पैसा वापस नहीं किया जाएगा। 
★ इसलिए आप अपने साथियों की सुविधा को देखते हुए समय का विशेष ध्यान रखें और निश्चित समय पर अपने स्थान पर पहुंचे।
★ यदि आपकी तबीयत खराब है तो इस यात्रा को अवॉइड अर्थात अनदेखा करें और अपने स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति को भेज दें। हम जानते हैं कि आप भी नहीं चाहेंगे कि आपकी वजह से किसी दूसरे को परेशानी हो।
★ आप सबसे अनुरोध है कि एक वैसलीन की सीसी छोटी वाली अपने पास रख ले क्योंकि गोवर्धन परिक्रमा लगाते वक्त हमारे बगल और जांघ लग जाती हैं । जिससे चलने में बहुत परेशानी होती है ।  यह हम अपने अनुभव से आपको बता रहे हैं। यदि इन स्थानों पर वैसलीन लगाई जाए तो यह बहुत तेजी से आराम कराती है।

भोजन प्रसाद की व्यवस्था
इस यात्रा में भोजन प्रसाद की व्यवस्था नहीं है अर्थात अपने भोजन अर्थात खाने पीने की व्यवस्था आपको स्वयं ही करनी होगी।

ठहरने की व्यवस्था
★ गोवर्धन में रुकने की व्यवस्था एक छोटे से आश्रम में की की गई है जो संतों का है अतः जो भी सुविधा आपको मिले उसे संतों का प्रसाद समझकर उसे सुविधा का लाभ उठाएं।
★ यदि आपको अलग से सुविधा प्राप्त करनी है तो उसका खर्च आपको स्वयं उठाना होगा।

सावधानी 
★ आप सभी से सूचित किया जाता है कि कोई भी भक्तजन सोना, चांदी जैसा कीमती सामान या जेवर पहन कर या लेकर ना जाए। अगर आप पहन कर जाते हैं तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी आपकी अपनी स्वयं की होगी। 
★ मादक पदार्थों का सेवन करने वाले अथवा झगडालू यात्री अथवा दूसरे साथियों को परेशान करने वाले को यात्रा से अलग करके अगले स्टॉप पर उतारने का पूर्ण अधिकार यात्रा व्यवस्थापक को होगा और इस अवस्था में कोई भी पैसा वापस नहीं किया जाएगा।
★ यदि आप बार-बार बस में लेट आते हैं। यह बस के चलने में देरी करवाते हैं; तो आपको वहीं छोड़ दिया जाएगा। 
★ यात्रा के दौरान आर्थिक या शारीरिक क्षति की जिम्मेदारी यात्री की स्वयं की होगी। व्यवस्थापक की यात्रियों के नुकसान की किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होंगे।

तीर्थ स्थान पर मंदिरोंके दर्शन 
★ तीर्थ स्थान पर प्रमुख मंदिरों के दर्शनों के लिए आटो या ई-रिक्शा की व्यवस्था संस्था के द्वारा होगी। जो हमें धर्मशाला से प्रमुख मंदिरों की पार्किंग तक ले जायेगी तथा वहां से घुमाकर वापिस धर्मशाला पर लायेंगे। 
★ कुछ स्थानों पर पार्किंग से मंदिर की दूरी अधिक हो सकती है तो आप पैदल अथवा स्वयं के खर्च पर रिक्शे से मंदिर के पास तक जा सकते हैं। इस प्रकार यात्रियों को पैदल कम चलना पड़ेगा।
★ इस यात्रा में काशी और प्रयागराज में जिनको नाव से घूमना है । वे नाव का खर्चा स्वयं उठाएंगे। 
★ यदि आप दूसरी बार दर्शनों के लिए जाना चाहते हैं । तो वह खर्चा आपको ही उठाना होगा।

सभी के लिए जरूरी सामान 
★ जो यात्री नियमित रूप से दवाई लेते हैं या आपकी दवाइयां चल रही है तो वे दवाइयां अवश्य रख ले। ये यात्री यात्रा प्रोग्राम के दिनो के अनुसार कृपया अपनी दवाईयां साथ में लावे।
★ ORS या Electrol के कम से कम दो पैकेट सभी को लेने हैं। 
★ उल्टी, दस्त और सर दर्द की गोलियां जैसी जरूरी दवाइयां अपने साथ अवश्य रख ले।
★ धूप का एक चश्मा 
★ धूप व वर्षा से बचने के लिए एक छाता 
★ एक छोटी वैसलीन
★ कोई भी एक आईडी 
★ यदि आप पूजा का सामान धूप, दीप आदि घर से ही ले जाना चाहते हैं तो ले चलें।
★ पीने के पानी की बोतल।

नोट: –> 

चलो हरि दर्शन तीर्थ यात्रा परिवार

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